संवाददाता : मोहम्मद फहीम खान
रमजान की 27 वीं रात:शब -ए-कद्र पर इबादतों का दौर गांव की मस्जिदों में गुनाहों की माफी के लिए दुआएं।
(गोण्डा हथियागढ़) बभनजोत लोथरपुर में सोमवार की रात जैसे ही आसमान पर चांद नमूदार हुआ,मस्जिदें और कब्रिस्तान इबादत और दुआओं की रोशनी से रोशन हो गया। गुनाहों से मगफिरत की रात शब-ए-कद्र पर नमाज़-ए-मगरिब से लेकर तीन बजे की सुबह तक इबादतों का दौर चलता रहा। कब्रिस्तानों में सबने अपने सगे संबंधियों और रिश्तेदारों की कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ा और दुआएं मांगी। हर एक कब्रिस्तान की हर एक कब्र को मोमबत्ती से ऐसा रोशन किया गया कि दुनिया से कूच कर गए लोगों की रुहें रोशन हो गई।
मुख्तारे कायनात है जो चाहे मांग ले,
मेरा नबी हयात है, जो चाहे मांग ले।
इस्लाम अनुयायियों की तारीख में सबसे अहम तारीख में शुमार शब-ए- कद्र के मौके पर देश में हर जगह मस्जिदों और कब्रिस्तानों में दुआएं मांगी गई। पवित्र ग्रंथ कुरान की तिलावत के साथ-साथ मस्जिदों में नफली नमाजें भी अदा की गई।
मौलाना अली अहमद हशमती ने कहा कि इस मुबारक़ शब-ए-कद्र की रात खुदा के हुक्म से फरिश्ते ज़मीन पर आते हैं और इबादत गुजार लोगों की दुआएं समेंट कर आसमान पर ले जाते हैं। इस रात हर एक की दुआ कबूल होती है और उसकी मगफिरत का रास्ता कायम होता है। मौलाना मुशाहिद रजा निजामी ने शानदार खिताब किया जब कि मौलाना मोहम्मद इब्राहिम ने देश में अमन शान्ति और भाई चारे के लिए दुआएं मांगी। देश की सभी मस्जिदों में पूरी रात इबादत हुई और लोगों ने सजदे में जाकर अल्लाह से मगफिरत की दुआएं मांगी। इस मौके पर प्रधान प्रतिनिधि मोहम्मद इरफान अतिउल्लाह पत्रकार वहीदुल्लाह मुस्ताक अहमद मोहम्मद शकील अब्दुल रहीम अब्दुल कादिर अब्दुल सलाम अरमान मोहम्मद रईस मास्टर मोहम्मद जुबेर गुलाम शाहिद अब्दुल मोईद भारी संख्या में लोग मौजूद रहें।
